दिल्ली के जंतर-मंतर का असर चकिया में, छात्रों-युवाओं का प्रदर्शन"



"जंतर-मंतर आंदोलन की गूंज चकिया तक, सैकड़ों छात्रों-युवाओं की रैली, SDM को सौंपा ज्ञापन"




चकिया। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की गूंज अब उत्तर प्रदेश के चंदौली जनपद के चकिया तक पहुंच गई है। विभिन्न मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवाओं ने चकिया में रैली निकाली। रैली आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज से शुरू होकर पूरे नगर का भ्रमण करती हुई तहसील परिसर पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।



चंदौली जनपद के चकिया कस्बे में उस समय माहौल पूरी तरह आंदोलनमय हो गया, जब सैकड़ों छात्र और युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण रैली निकाली।


रैली की शुरुआत आदित्य नारायण राजकीय इंटर कॉलेज परिसर से हुई। इसके बाद छात्र और युवा मुख्य बाजार, प्रमुख चौराहों और विभिन्न मार्गों से होते हुए चकिया तहसील पहुंचे।


रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने विचार व्यक्त किए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया।


तहसील पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाने की अपील की।


प्रदर्शन में शामिल प्रतिभागियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और छात्रों की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।



आपको बता दे की प्रदर्शन को लेकर प्रशासनको पहले ही जानकारी हो गई थी और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड पर था। चकिया के अलावा आसपास के कई थानों की पुलिस भी मौके पर तैनात की गई थी।

उपजिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा और क्षेत्राधिकारी अजीत कुमार सिंह स्वयं पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने रैली को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।


पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रही और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।


रैली के आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम को सफल बनाने में शैलेश कुमार और यश सोनकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

"हम संविधान और लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। हमारी रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण है। हम चाहते हैं कि छात्रों की आवाज सुनी जाए और हमारी मांगों पर निष्पक्ष विचार किया जाए।"- शैलेश कुमार 


"आज चकिया के युवाओं ने एकजुट होकर अपनी बात रखी है। हमारी कोशिश है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाए। हमें उम्मीद है कि हमारी बात पर सकारात्मक विचार होगा।"- यश‌ सोनकर